Wednesday, March 25, 2020

ईरान ने ठुकराई ट्रंप की मदद की पेशकश, कहा- वायरस जिंदा करने की दवा दे देगा!..

आज एक बार फिर मै खान पान से जुडी कुछ जरुरी बातों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

नई दिल्ली। कोरोना वायरस की मार झेल रहे ईरान ने अमेरिका की मदद लेने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान दुनिया के उन टॉप-3 देशों (चीन और ईटली के साथ) में शामिल है जहां कोरोना वायरस की वजह से सबसे अधिक मौतें हुई हैं।

सरकार की ओर से अब तक जारी आंकड़ों के मुताबिक, 20 हजार से अधिक लोग ईरान में संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 1600 से अधिक लोगों की मौतें हुई हैं। लेकिन अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने में अमेरिकी मदद लेने से इनकार कर दिया है.

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कोरोना के प्रकोप से लड़ने के लिए अमेरिका की सहायता की पेशकश को ठुकरा दिया है।
बकौल खामनेई, &#8216हो सकता है कि यह वायरस अमेरिका द्वारा पैदा किया गया हो।&#8217 बता दें कि तेहरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका ने ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसमें कच्चे तेल की बिक्री पर रोक प्रमुख है। इसके चलते ईरान को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

एक टीवी संबोधन में खामनेई ने कहा, &#8216अमेरिका हमारा कट्टर दुश्मन है। हो सकता है कि उसकी दवा वायरस को और फैला दे। अगर वह डॉक्टर और थेरेपिस्ट भेजते हैं तो वह आकर यह देखेंगे कि वायरस का प्रभाव कैसे हो रहा है, क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि वायरस का एक हिस्सा ईरान के लिए बनाया गया है।&#8217 खामनेई ने अपने बयान के संदर्भ में किसी वैज्ञानिक तथ्य का हवाला तो नहीं दिया है, लेकिन उनकी इस टिप्पणी को इस महीने की शुरुआत में चीन सरकार के प्रवक्ता से जोड़कर देखा जा रहा है।

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