Thursday, May 14, 2020

94 साल के बुजुर्ग ने दी कोरोना वायरस को मात, हॉस्पिटल स्टाफ ने कुछ इस अंदाज में दी विदाई

एक्सपर्ट का मानना है कि कोरोना बिरुस ज्यादातर बूढों और बच्चों के लिए खतरनाक है, लेकिन कहते हैं कि हौसलों की उड़ान ऊंची हो तो आसमान भी झुक जाता है. ये साबित किया है महाराष्ट्र के सांगली जिले की 94 साल की बुजुर्ग महिला ने. ये महिला है सांगली जिले में कामेरी की रहने वाली.

बता दें कि एक कोरोना पाजिटिव मरीज के संपर्क में आने से उन्हें कोरोना का संक्रमण हो गया था. इस महिला को मिरज के सरकारी हास्पिटल में भर्ती करवाया गया था. करीब दो हफ्ते तक महिला को आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज किया गया.

इतनी ज्यादा उम्र होने के बावज़ूद महिला ना तो डरी और ना ही हिम्मत हारी.
डाक्टरों के तमाम निर्देशों का भलीभांति पालन करते हुए बीमारी से लड़ने का उनका जज्बा अद्भुत था. इन दिनों जब कोरोना का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं वहीं ये बुजुर्ग महिला कोरोना से जूझती रही और आखिरकार कोरोना को शिकस्त दे दी.

94 साल की बुजुर्ग महिला की दोनों ही रिपोर्ट नेगेटिव आई. इसके बाद डाक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज करने का फैसला किया. डाक्टर और नर्स महिला का हौसला देखकर इतने प्रभावित हुए कि जब वो डिस्चार्ज होकर जाने लगीं तो पूरे हास्पिटल स्टाफ ने ताली बजाकर उन्हें विदा किया.

ये बुजुर्ग महिला मिसाल है उन लोगों के लिए जो बताती हैं कि मुश्किल वक्त में हिम्मत और सूझबूझ से काम लिया जाए तो किसी भी मुश्किल को मात दिया जा सकता है फिर चाहे वो कोरोना जैसी नामुराद बीमारी ही क्यों ना हो. ये महाराष्ट्र राज्य की सबसे बुजुर्ग कोरोना मरीज हैं जो एक कोविड-19 मरीज के संपर्क में आने के बाद संक्रमित हो गई थीं.

Dailyhunt

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