Friday, May 15, 2020

आत्‍मनिर्भर भारत योजना के अंतर्गत वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारामन ने पहले प्रोत्‍साहन पैकेज की घोषणा की



आत्‍मनिर्भर भारत योजना के अंतर्गत सरकार ने पहले प्रोत्‍साहन पैकेज की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने राष्‍ट्र के नाम संबोधन में आत्‍मनिर्भर भारत योजना की घोषणा की थी। वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारामन ने नई दिल्‍ली में कल प्रधानमंत्री के वित्‍तीय पैकेज के बारे में जानकारी दी। बीस लाख करोड़ रुपए यानी देश के सकल घरेलू उत्‍पाद के दस प्रतिशत के बराबर के इस पैकेज से सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यमों, श्रमिकों, मध्‍यम वर्ग और उद्योगों समेत समाज के विभिन्‍न वर्गों को फायदा होगा।

वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारामन ने छह लाख चालीस हजार करोड़ रुपए के 15 विशेष वित्‍तीय पैकेजों की घोषणा की। यह पैकेज एम.एस.एम.ई., विद्युत वितरण कंपनियों, रियल एस्‍टेट, मध्‍यम वर्ग, करदाताओं और अन्‍य लोगों से संबंधित हैं। वित्‍त राज्‍य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि एम.एस.एम.ई. क्षेत्र को बढावा देने के प्रयास के तहत तीन लाख करोड़ रुपए के ऋण बिना किसी जमानत के देने और एक वर्ष तक इस पर ब्‍याज या मूलधन वापस करने से छूट की घोषणा की है।

सरकार के 24 प्रतिशत ईपीएफ योगदान को तीन और महीने के लिए बढ़ाया गया है। 72 लाख से अधिक कर्मचारियों को इससे फायदा होगा। वित्‍त मंत्री ने बताया कि इक्विटी के माध्‍यम से एम.एस.एम.ई. में पचास हजार करोड़ रुपए लगाए जाएंगे। घरेलू कंपनियों के लिए नए अवसरों की घोषणा करते हुए श्रीमती सीतारामन ने कहा कि दो सौ करोड़ रुपए तक की सरकारी खरीद पर अब वैश्विक निविदा प्रणाली के जरिए नहीं की जाएगी। वित्‍त राज्‍य मंत्री ने एम.एस.एम.ई. क्षेत्र को ई-मार्केट से भी जोडने की घोषणा की जिससे छोटे और मझोले उद्योगों को अपने उत्‍पादों की ब्रिकी में मदद मिलेगी।

ई-मार्केट लिंकेज करने की बात की, क्‍योंकि ई-कॉमर्स का आजकल जमाना भी आया है वो भी होगा और इसके अलावा व्‍यापार मेलों में कैसे वो इंवॉल्‍व हो सकें उनका शामिल होना हो, प्रदर्शनियों में उनकी पार्टीसीपेशन हो सके। इसके लिए कदम उठाए जाएंगे और जो हमारे सार्वजनिक केन्‍द्र उपक्रम हैं उसमें जो अगर उनके कोई पेंडिंग पेमेंट्स हैं सरकारी है या पीएसयूज़ में हैं, उनको भी अगले 45 दिनों में वापस उनकी पेमेंट हो, ऐसा प्रयास किया जाएगा।

एक अन्‍य महत्‍वपूर्ण घोषणा में स्रोत पर कर कटौती यानी टी़डीएस और स्रोत पर कर संग्रह यानी टीसीएस अगले वर्ष 31 मार्च तक घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। इस फैसले से आम लोगों को पचास हजार करोड़ रुपए से अधिक नकद राशि उपलब्‍ध होगी। आयकर‍ विवरणी भरने की अंतिम तारीख इस साल 30 नवम्‍बर कर दी गई है।

वित्‍तीय वर्ष 2019-20 के लिए इनकम टैक्‍स की रिटर्न के लिए जो ड्यू डेट थी उसको 31 जुलाई 2020 और 31 अक्‍टूबर 2020 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दिया जाएगा। टैक्‍स ऑडिट को भी 30 सितंबर 2020 से बढ़ाकर 31 अक्‍टूबर 2020 कर दिया जाएगा। विवाद से विश्‍वास स्‍कीम बजट के समय भी हम लाए थे लेकिन इन अभूतपूर्व परिस्थितियों के चलते इसको भी 31 दिसंबर 2020 तक एक्‍सटेंड कर दिया गया है।

श्रमिकों के वेतन का 12 प्रतिशत ई पी एफ ओ में जमा कराने की अवधि तीन महीने के लिए और बढ़ा दी गई है।

वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारामन ने गैर बैंकिंग वित्‍तीय कंपनियों, आवास वित्‍तीय कंपनियों और सूक्ष्‍म वित्‍तीय संस्‍थाओं को विशेष योजना के अंतर्गत तीस हजार करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की।

भवन निर्माण कंपनियों को राहत देते हुए वित्‍त राज्‍य मंत्री ने रेलवे, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा केन्‍द्रीय लोक निर्माण‍ विभाग की अधूरी परियोजनाओं का काम पूरा करने के लिए छह महीने की और मोहलत दे दी है।

बिजली वितरण कंपनियों को राहत देते हुए पीएफसी और आरईसी में 90 हजार करोड़़ रुपए डालने की घोषणा की गई है।

वित्‍त मंत्री अगले कुछ दिनों में सरकार के विभिन्‍न उपायों के बारे में जानकारी देने के लिए संवाददाता सम्‍मेलनों को संबोधित करेंगी।

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