Saturday, May 16, 2020

कोरोना को हराकर काम पर लौटी स्टाफ नर्स, बोली- कोई बीमारी, सेवा और काम के जज्बे को कम नहीं कर सकती!..

आज एक बार फिर मै खान पान से जुडी कुछ जरुरी बातों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

गुड़गांव. गुड़गांव के सिविल अस्पताल में कोरोना को हराकर ड्यूटी पर लौटी स्टाफ नर्स पूनम का कहना है कि कोई बीमारी सेवा और काम के जज्बे को कम नहीं कर सकती। तभी वे ठीक होने के बाद क्वारैंटाइन पीरियड पूरा कर ड्यूटी पर पहुंची हैं। बता दें कि हरियाणा का गुड़गांव जिला सबसे ज्यादा कोरोनाग्रस्त जिलों में से एक है। जहां अस्पताल में काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर स्टाफ नर्स, डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ तक संक्रमित हो चुकी हैं।

ड्यूटी पर लौटी पूनम बोली- अब और अधिक जोश और जज्बे के साथ मरीजों की सेवा करूंगी

वर्ष 2006 में गुड़गांव से नर्सिंग कोर्स किया और वर्ष 2008 में हरियाणा में सरकारी नौकरी मिली।
तभी से वे गुड़गांव के सिविल अस्पताल में सेवाएं दे रही हैं। स्टाफ नर्स पूनम कहती हैं, &#8216कोई बीमारी हमारे सेवा के जज्बे को कम नहीं कर सकती। हमारा मनोबल नहीं गिरा सकती। बेशक कुछ समय के लिए कोरोना ने उन्हें प्रभावित किया, लेकिन उनका जज्बा कम नहीं हुआ। वे अब और अधिक जोश और जज्बे के साथ मरीजों की सेवा करेंगी। कोरोना से डरे नहीं, बल्कि सुरक्षित रहें, सावधान रहें। जो भी सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी की गई हैं, उनको फॉलो करें।&#8217

उन्होंने कहा, &#8216देश के हेल्थ सेक्टर में बेहतरी के लिए स्टाफ नर्सों की कमी को पूरा किया जाना चाहिए। कोरोना से बचने के लिए तीन बातों का हमेशा पालन करें। पहली मास्क लगाना, दूसरी सोशल डिस्टेंस और तीसरी अच्छे से हाथ धोना। यह काम नियमित तौर पर हमें करने हैं।&#8217

पूनम कहती हैं, &#8216हेल्थ वर्कर्स, पुलिस कोरोना वॉरियर्स हैं। मुझे दुख है कि देश में कई जगह पर इन पर हमले किए गए। जो कि सही नहीं है। मेरा अनुरोध है कि ऐसा ना करें।&#8217 साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि डब्लूएचओ भी इस बात को कह चुका है कि कोरोना इतनी आसानी से खत्म नहीं होगा। लंबे समय तक और हो सकता है जीवनभर ही हमें कोरोना के साथ जीना पड़े। इसलिए हमें खुद में कुछ बदलाव लाने होंगे।

Dailyhunt

Disclaimer: This story is auto-aggregated a computer program and has not been created or edited Dailyhunt. Publisher: Pardaphash Hindi

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