Wednesday, June 17, 2020

हैरान कर देने वाला खुलासा, 12 घंटों तक पाक की हिरासत में लाठी-डंडों से पीटे गए थे भारतीय दूतावास के कर्मचारी!..

आज एक बार फिर मै खान पान से जुडी कुछ जरुरी बातों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

नई दिल्ली: पाकिस्तानी अधिकारियों ने सोमवार को इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के दो कर्मचारियों को कथित रूप से हिट एंड रन मामले में 12 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा। भारत के कड़े आपत्तिपत्र (डिमार्शे) और त्वरित रिहाई के सख्त संदेश के बाद दोनों कर्मचारियों को छोड़ा गया। लेकिन मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें हाथ पैर बांध कर बार-बार रॉड और लकड़ी के डंडों से पीटा गया।

लोगों ने अधिक जानकारी देते हुए कहा कि दोनों भारतीय कर्मचारियों से सभी उच्चायोग के अधिकारियों की विशिष्ट भूमिका और कार्य के बारे में पूछताछ की गई।&#8221भारत ने दो सप्ताह पहले जासूसी के आरोप में पाक उच्चायोग के दो अधिकारियों को निष्कासित किया था।
पाकिस्तान की हरकत को उसी घटना की जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है । पाक मीडिया ने कहा था कि दोनों भारतीय कर्मचारियों को कथित तौर पर हिट एंड रन मामले में गिरफ्तार किया गया। पाक ने हालांकि इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों भारतीय कर्मचारियों की पहचान सिल्वादेस पॉल और दावामू ब्रहामू के तौर पर की गई है। सूत्रों ने बताया कि गैर राजनयिक कर्मचारियों को रिहाई के बाद उच्चायोग भेज दिया गया। दोनों अपनी ड्यूटी के लिए सोमवार सुबह आठ बजे उच्चायोग से कार में निकले थे, लेकिन गंतव्य पर नहीं पहुंचे। इसके कुछ घंटे बाद दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने पाक उच्चायोग के प्रभारी सैयद हैदर शाह को समन कर कड़ा आपत्ति पत्र (डिमार्शे) जारी किया।

सूत्रों ने बताया कि डिमार्शे में साफ कहा गया कि भारतीय कर्मचारियों से पूछताछ नहीं होगी। उनका उत्पीड़न नहीं किया जाएगा और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी पाक अधिकारियों की है। सूत्रों ने कहा, पाक अधिकारियों से दोनों भारतीयों को आधिकारिक कार के साथ तुरंत उच्चायोग वापस भेजने के लिए कहा गया।

राहत भरी खबर: भारत में आधे से अधिक कोरोना मरीज हुए ठीक, रिकवरी रेट 52 फीसदी के पार

Dailyhunt

Disclaimer: This story is auto-aggregated a computer program and has not been created or edited Dailyhunt. Publisher: Pardaphash Hindi

No comments:

Post a Comment