Saturday, June 20, 2020

पीएम मोदी भारत-चीन सीमा की स्थिति पर चर्चा के लिए आज शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक की अध्‍यक्षता करेंगे

पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने भारत-चीन सीमा की स्थिति पर चर्चा के लिए आज शाम पांच बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस वर्चुअल बैठक में 15 से अधिक राजनीतिक दलों के अध्‍यक्ष भाग लेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी दलों के प्रमुखों से बात की और उन्‍हें बैठक में शामिल होने को कहा था।

पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने इस हिंसक घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्‍होंने बुधवार को कहा था कि वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर भारत के बीस बहादुर जवानों का बलिदान व्‍यर्थ नहीं जायेगा। उन्‍होंने यह भी कहा था कि भले ही कैसी भी स्थिति और परिस्थिति हो भारत अपनी एक-एक इंच धरती और आत्‍म सम्‍मान की दृढ़ता से रक्षा करेगा। हमारे संवाददाता ने बताया है कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हाल की हिंसक झड़प के मद्देनजर यह बैठक महत्‍वपूर्ण मानी जा रही है।

चीन के साथ एलएसी पर चल रहे सीमा गतिरोध पर राजनीतिक आम सहमति के मद्देनजर प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण बताई जा रही है। एलएसी पर दोनों ही देशों के बीच पिछले पांच दशकों से अधिक से चली आ रही व्‍यापक सर्वसम्‍मति में चीन के बदलाव और इसी के अंतर्गत सोमवार को हुई हिंसक झड़प का भार‍तीय अधिकारियों ने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में जवाब दिया है। दूसरी और बीजिंग को अभी भी कुछ महत्‍वपूर्ण सवालों के जवाब देने बाकी हैं। एजेंसी रिपोर्टों के अनुसार गलवान घाटी में चीन के 40 से अधिक सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस दावे की पुष्टि अमरीकी खुफिया रिपोर्टों में भी की गई है। इससे इतर भारत ने मुखर रूप से यह स्‍पष्‍ट किया है कि एलएसी में चीन द्वारा यथास्थिति को बदलने के एकपक्षीय प्रयास के कारण एक कर्नल सहित 20 सैन्‍यकर्मी वीरगति को प्राप्‍त हुए। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि गलवान घाटी में नियोजित हिंसक चीनी कार्रवाई और दोनों ही पक्षों को हुए जानमाल के नुकसान के लिए चीन सीधे-सीधे जिम्‍मेदार है। भारत यह भी स्‍पष्‍ट कर चुका है कि एलएसी के मुद्दे पर यदि चीन द्वारा 6 जून को हुए उच्‍चस्‍तर की विपक्षीय समझौते का मान रखा गया होता तो मौजूदा स्थिति से बचा जा सकता था।

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