Friday, June 26, 2020

अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) आज सफलता के पांच वर्ष पूरे किये

माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 25 जून, 2015 को आरंभ किया गया अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) सफलता के पांच वर्ष पूरे कर चुका है। मिशन का लक्ष्य पीने के पानी की आपूर्ति का सार्वभौमिक कवरेज तथा वर्षा जल निकासी के साथ-साथ सीवरेज एवं सेप्टेज की कवरेज एवं उपचार क्षमताओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, गैर-मोटरीकृत शहरी परिवहन एवं हरित स्थान, पार्क आदि सुनिश्चित करना है। यह मिशन 60 प्रतिशत से अधिक शहरी आबादी को कवर करते हुए 500 नगरों में फैला हुआ है।

• 77,640 करोड़ रुपये की लागत वाली राज्य वार्षिक कार्य योजनाएं (एसएएपी) अनुमोदित की गईं एवं 75,829 करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाएं कार्यान्वित की जा चुकी है। 10,654 करोड़ रुपये के बराबर की परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं तथा 65,175 करोड़ रुपये के बराबर की परियोजनाएं कार्यान्वयन के अग्रिम चरणों में हैं।

• पीने के पानी की आपूर्ति परियोजनाओं के लिए 39,011 करोड़ रुपये आवंटित किए गए तथा सीवरेज एवं सेप्टेज परियोजनाओं के लिए 32,546 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

• लगभग 1.39 करोड़ परिवारों को जल उपलब्ध कराने के लिए तथा लगभग 1.45 करोड़ परिवारों को सीवरेज एवं सेप्टेज सेवाएं सुलभ कराने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ठोस प्रयास किए गए।

• झुग्गियों एवं निम्न आय बस्तियों सहित 79 लाख परिवारों को जल नल कनेक्शन तथा 45 लाख सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराए गए है।

• मिशन के तहत प्रभावी शासन और नागरिक सेवा प्रदान करने में नगर स्तरीय संस्थानों की क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए मिशन ने 11 सुधार सुझाए। इन सुधारों के तहत 54 उपलब्धियां हासिल की गई।

• सभी भारतीय नगरों में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए 76 लाख स्ट्रीटलाइटों की जगह ऊर्जा सक्षम एलईडी स्ट्रीटलाइट लगाई गई है।

• डिजिटल रूपांतरण आधारित सुधार के रूप में कार्यान्वित ऑनलाइन बिल्डिंग परमिशन सिस्टम (ओबीपीएस) का लक्ष्य निर्बाधित प्रक्रिया सुनिश्चित करते हुए, भवन योजनाओं के अनुमोदन के लिए जाने वाले समग्र समय में कमी लाना है। 444 अमृत शहरों सहित 2,057 शहरों में सुधार के कार्यान्वयन के कारण भारत की रैंकिंग जो निर्माण अनुमतियों में व्यवसाय करने की सुगमता में डीबीआर 2018 में 181 के स्थान पर थी, विश्व बैंक डूइंग बिजनेस रिपोर्ट (डीबीआर) 2020 में 27वें स्थान पर पहुंच गई। यह सुधार के कार्यान्वयन के बाद से उल्लेखनीय बेहतरी प्रदर्शित करता है।

• 500 मिशन शहरों में से 469 शहरों में क्रेडिट रेटिंग का प्रयोग किया, जिसमें से 163 नगरों को इनवंटिबल ग्रेड में पाया गया है। 2019-20 के दौरान 8 शहरों ने सेवा प्रदायगी तथा शहरी स्तर अवसंरचना में सुधार लाने के लिए लक्षित पूंजी निवेश परियोजनाओं को शुरू करने के लिए म्युनिसिपल बांडों के जरिये 3,390 करोड़ रुपये जुटाए। मंत्रालय ने सुधार कार्यान्वयन के लिए 26 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को प्रोत्साहन के रूप में म्युनिसिपल बांडों को जारी करने के लिए 181 करोड़ रुपये सहित 1,839 करोड़ रुपये प्रदान किए। मिशन के तहत, 45,000 पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य से बढ़कर अब तक 53,000 पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

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