Monday, June 29, 2020

राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, उत्‍तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, पंजाब और महाराष्‍ट्र में टिड्डी दलों पर नियंत्रण के लिए अभियान जारी

राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश, उत्‍तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, पंजाब और महाराष्‍ट्र में टिड्डी दलों पर नियंत्रण के लिए अभियान जारी है। टिड्डी दल चेतावनी संगठन और 10 क्षेत्रीय कार्यालय राज्‍य सरकारों की मदद से राजस्‍थान और गुजरात के मरुस्‍थलीय इलाकों में नियंत्रण अभियान चला रहे हैं। राज्‍य सरकार अपने कृषि विभागों के माध्‍यम से फसल वाले इलाकों में टिड्डी दल नियंत्रण अभियान संचालित करते हैं। इस साल 11 अप्रैल से 1 लाख 27 हजार हैक्‍टेयर से अधिक क्षेत्र में टिड्डि‍यों के प्रकोप पर नियंत्रण किया गया है।

बचा हुआ टिड्डी दल सुबह झझ्झर जिले की ओर बढ़ा और उसके बाद हवा की दिशा के साथ उत्‍तर प्रदेश में पूर्व की ओर चला गया। यह दल तीन-चार छोटे झुंडों में बंट कर हरियाणा में नूह और गुड़गांव तथा उससे आगे उत्‍तर प्रदेश की ओर चले गये।
कल सुबह क्षेत्रीय नियंत्रण टीमों ने हरियाणा के रेवाड़ी में नियंत्रण अभि‍यान चलाने के साथ-साथ जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, नागौर, जयपुर और सीकर में राज्‍य के कृषि विभागों की मदद से अभियान चलाया। उत्‍तर प्रदेश में भी टिड्डि‍यों के प्रकोप वाले इलाकों में ऐसा ही अभियान चलाया गया।

प्रमुख नियंत्रण अभियान राजस्‍थान में केन्द्रि‍त हैं जहां अधिकतम संसाधनों का उपयोग किया गया है। टिड्डीदलों पर काबू करने की देश की क्षमता बढ़ाने के लिए जमीन पर कीटनाशकों का छिड़काव करने वाली 10 मशीनें ब्रिटेन से आयात की गयी हैं। 45 और मशीनें अगले महीने तक प्राप्‍त होने की संभावना है जिससे टिड्डी दलों पर नियंत्रण रखने की देश की क्षमता का और विस्‍तार होगा।

कृषि मंत्रालय ने कहा है कि भारत सभी सांविधिक अनुमोदन प्राप्‍त करने के बाद ड्रोन का उपयोग करके टिड्डी नियंत्रण करने वाला पहला देश है। राज्‍य सरकारें टिड्डी नियंत्रण के लिए ट्रैक्‍टर में स्‍प्रेयर और दमकल गाडि़यों का उपयोग कर रहे हैं। ब्रिटेन से 10 ग्राउंड स्‍प्रे उपकरण आयात किये गये हैं, 45 और ऐसे उपकरण अगले महीने तक पहुंच जाएंगे। अभी 60 नियंत्रण दल और 200 से अधिक केन्‍द्र सरकार के कर्मचारी टिड्डी नियंत्रण कार्यों में लगे हुए हैं लंबे पेड़ों और दुर्गम क्षेत्रों में टिड्डी के प्रभावी नियंत्रण के लिए 12 ड्रोन के साथ पांच कंपनियों को कीटनाशक छिड़काव के लिए तैनात किया जाता है। नियंत्रण क्षमता को मजबूत करने के लिए 55 अतिरिक्‍त वाहन खरीदे गए हैं।

गृह मंत्रालय ने टिड्डि‍यों के प्रकोप पर काबू पाने के लिए कीटनाशकों के छिडकाव में काम आने वाले उपकरणों से लैस ट्रैक्‍टर और अन्‍य वाहन किराये पर लेने की भी व्‍यवस्‍था की है। राजस्‍थान को इस तरह के 800 ट्रैक्‍टर खरीदने के लिए मदद की स्‍वीकृति दी गयी है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि गुजरात, उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश, महाराष्‍ट्र, छत्‍तीसगढ़, बिहार और हरियाणा में टिड्डीदलों से फसलों को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन राजस्‍थान के कुछ जिलों में इनसे फसलें नष्‍ट हुई हैं।

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