Sunday, June 21, 2020

देखें, मोदी सरकार ने LPG धारक को दिया ये ख़ास तोहफा, ख़ुशी से पागल हुए ग्राहक..

आज एक बार फिर मै कुछ टेक्नोलॉजी से जुडी नयी पोस्ट की अपडेट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को अंत तक पढ़ते रहे ..

एलपीजी ग्राहकों को मोदी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है. उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन मिलने वाले ग्राहकों को कोरोना संकट के बीच बड़ी राहत मिल सकती है. सूत्रों के मुताबिक, तेल कंपनियां EMI डेफरमेंट स्कीम की मियाद अगले एक साल तक बढ़ा सकती है जो इस साल जुलाई 2020 में यह खत्म हो रही है. इसका मतलब ये है कि अगले एक साल तक उज्ज्वला योजना के ग्राहक जो एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) खरीदते हैं तो उनको EMI की कोई भी राशि तेल कंपनियों को देने की जरूरत नहीं होगी.

उज्ज्वला योजना के तहत एक प्रावधान है जिसमें जब आप एलपीजी कनेक्शन लेते हैं तो कुल लागत स्टोव (Gas Stove) के साथ 3,200 रुपए की होती है.
जिसमें 1,600 रुपए की सब्सिडी (Subsidy) सीधे तौर पर सरकार की तरफ से दी जाती है और बाकी 1,600 रुपए की रकम तेल कंपनियां देती हैं. लेकिन ग्राहकों को EMI के रूप में ये 1,600 रुपए की राशि तेल कंपनियों को चुकाना होता है.

EMI का स्ट्रक्चर ऐसा है कि ग्राहक को अलग से राशि तेल कंपनियों को देने की जरूरत नहीं होती. जब आप LPG सिलेंडर को रिफिल कराने जाते हैं और उस जो सब्सिडी की रकम आपके खाते में डीबीटी के जरिए आनी चाहिए, वो आपके खाते में ना आकर, तेल कंपनियों दी जाती है. यह तब तक दी जाती है जब तक कि 1600 रुपए की रकम आप चुका न दें. एक बार यह चुका देने के बाद, फिर से आपको सब्सिडी की रकम मिलने लगती है.

इससे उज्ज्वला ग्राहकों पर आर्थिक बोझ आ रहा था, जो रिफिल रेट उसमें ज्यादा तेजी नहीं आ रही थी. लिहाजा पेट्रोलियम मंत्रालय के आदेश पर तेल कंपनियों EMI डेफरमेंट स्कीम की शुरुआत की. इसमें एक साल में ग्राहकों को 14 किलो का सिलेंडर लेते हैं तो 6 सिलेंडर पर EMI देने की जरूरत नहीं है. सातवें सिलेंडर पर उनको ईएमआई देना पड़ेगा.

</>

No comments:

Post a Comment