Tuesday, July 28, 2020

देखें ,राम मंदिर के 2000 फीट नीचे रखा जाएगा 'टाइम कैप्सूल', जानिए क्या होता है यह कैप्सूल!..

आज एक बार फिर मै जीवन से जुड़े कुछ जरुरी तथ्यों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

राम मंदिर भूमि पूजन के लिए 5 अगस्त का दिन शुभ बताया गया है. इस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राम मंदिर निर्माण के लिए पहली ईंट रखेंगे. भूमि पूजन के लिए अयोध्या में तैयारी शुरू हो चुकी है. इसी बीच मंदिर निर्माण को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य रामेश्वर चौपाल ने कहा है कि रामजन्मभूमि के इतिहास को सिद्ध करने के लिए जितनी लंबी लड़ाई कोर्ट में लड़नी पड़ी है, उससे यह बात सामने आई है कि अब जो मंदिर बनवाएंगे, उसमें एक &#8216टाइम कैप्सूल&#8217 बनाकर 2000 फीट नीचे डाला जाएगा. भविष्य में जब कोई भी इतिहास देखना चाहेगा तो रामजन्मभूमि के संघर्ष के इतिहास के साथ तथ्य भी निकल कर आएगा ताकि कोई भी विवाद यहां उत्पन्न न हो सके.

अयोध्या में राममंदिर निर्माण के साथ ही जमीन में करीब 2000 फीट नीचे टाइम कैप्सूल भी रखा जाएगा.
इससे सदियों बाद भी मंदिर को लेकर किसी तरह इतिहास की जानकारी जुटाने में परेशानी ना हो. आइये जानते हैं क्या होता है टाइम कैप्सूल.

क्या होता है टाइम कैप्सूल-

टाइम कैप्सूल एक कंटेनर की तरह होता है जिसे विशिष्ट सामग्री से बनाया जाता है. टाइम कैप्सूल हर तरह के मौसम का सामना करने में सक्षम होता है, उसे जमीन के अंदर काफी गहराई में दफनाया जाता है. काफी गहराई में होने के बावजूद भी हजारों साल तक न तो उसको कोई नुकसान पहुंचता है और न ही वह सड़ता-गलता है. टाइम कैप्सूल को दफनाने का मकसद किसी समाज, काल या देश के इतिहास को सुरक्षित रखना होता है. यह एक तरह से भविष्य के लोगों के साथ संवाद है. इससे भविष्य की पीढ़ी को किसी खास युग, समाज और देश के बारे में जानने में मदद मिलती है.

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