Saturday, August 15, 2020

स्वतंत्रता दिवस विशेष : 15 अगस्त को जन्मे थे सिर्फ ये दो इंडियन क्रिकेटर

आज भारत अपना 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, तमाम कुर्बानियों के बाद मिली यह आजादी कई मायनों में खास है. लेकिन अगर भारत में धर्म का दर्जा पा चुके क्रिकेट के लिहाज से देखें तो इस दिन हमारे पास बताने को ज्यादा कुछ नहीं होता क्योंकि इस दिन हमने बहुत ही कम मैच खेले हैं. वैसे क्रिकेट की दुनिया में 15 अगस्त को दो भारतीय क्रिकेटरों के जन्मदिन के लिए याद किया जाता है. पूर्व भारतीय ऑलराउंडर विजय भारद्वाज और पूर्व महिला क्रिकेटर हेमलता काला का जन्म 15 अगस्त के दिन हुआ था.

आजादी के दिन जन्मे थे विजय भारद्वाज
दाएं हाथ के बल्लेबाज और ऑफ स्पिनर विजय ने अपने करियर की शुरुआत 1999 में नैरोबी में हुई त्रिकोणीय सीरीज से की थी जहां भारत के अलावा केन्या और साउथ अफ्रीका की टीमें खेल रही थीं. उस सीरीज में विजय ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 10 विकेट झटकने के साथ ही अहम मौकों पर टीम के लिए अच्छी बैटिंग भी की जिसके चलते टीम इंडिया फाइनल तक का सफर तय कर पाई थी.

देश के लिए लंबे समय तक नहीं खेल पाए
अपने इस प्रदर्शन के दम पर भारद्वाज अपनी पदार्पण सीरीज में ही मैन ऑफ द सीरीज चुने गए. इसके बाद के कुछ मैचों में भारद्वाज ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन एक बार टीम से बाहर होने के बाद भारद्वाज नीली जर्सी में कभी वापसी नहीं कर पाए. शानदार शुरुआत करने वाले भारद्वाज अपने खेल का स्तर बनाए रखने में नाकाम रहे जिसके चलते वो टीम इंडिया के लिए ज्यादा दिनों तक नहीं खेल पाए. हालांकि विजय भारद्वाज ने कर्नाटक के लिए 1994 से लेकर 2005 तक क्रिकेट खेली. क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भारद्वाज नए खिलाड़ियों को कोचिंग दे रहे हैं.

हेमलता काला का जन्मदिन है 15 अगस्त
15 अगस्त 1975 को यूपी के आगरा में जन्मीं हेमलता काला भारतीय महिला क्रिकेट की अहम खिलाड़ियों में से एक रहीं. हेमलता ने भारतीय महिला टीम के लिए 1999 से 2008 तक सात टेस्ट, 78 वनडे और एक टी20 खेले. हेमलता ने अपने टेस्ट करियर का अंत 50 से भी ज्यादा की रन औसत के साथ किया जो कि बड़े-बड़े खिलाड़ियों के लिए भी मुश्किल माना जाता है. हालांकि वनडे में हेमलता इतनी सफल नहीं रहीं और 78 वनडे की 59 पारियों में 20.87 के औसत से सिर्फ 1023 रन ही बना पाईं. हेमलता 2005 के महिला वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचने वाली टीम में भी शामिल थीं.

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