Sunday, August 2, 2020

भारत को 21वीं सदी में प्रभावी भूमिका निभानी है; नवाचार, अनुसंधान, डिजाइन, विकास और उद्यमशीलता के लिए आवश्‍यक माहौल तैयार किया जाएगा: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी नेकहा है कि 21वीं सदी के तेजी से बदलते विश्व में भारत को अपनीप्रभावी भूमिका निभाने के लिए तेजी से बदलाव लाना होगा। आज अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षापरिषद के स्‍मार्ट इंडिया हैके‍थॉन के ग्रैंडफिनाले को वीडिय़ो कांफ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए उन्‍होंनेयह बात कही।

हमें हमेशा से गर्व रहा हैकि बीती सदियों में हमने दुनिया को एक से बढ़कर एक बेहतरीन साइंटिस्‍ट, बेहतरीन टैक्निशियन्‍स,टैक्‍नोलॉजी एंटरप्राइज लीडर्स हमने दिए हैं। लेकिन ये 21वीं सदी हैऔर तेजी से बदलती हुई दुनिया में भारत को अपनी वही प्रभावी भूमिका और उसको निभाने केलिए और अधिक तेजी से हमें खुद को भी बदलना होगा और इसी सोच के साथ अब देश में इनोवेशनके लिए, रिसर्च के लिए और डिजाइन के लिए, डेवलपमेंट के लिए, एंटरप्राइज के लिए जरूरी ईको-सिस्‍टमतेजी से तैयार किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति भारतके ज्ञान के साथ-साथ भारत की एकता को भी सुदृढ़ करेगी। अब एजुकेशन पोलिसी में जो बदलावलाए गए हैं,उससे भारत की भाषाएं आगे बढ़ेंगी। उनका और विकास होगा। ये भारत के ज्ञानको तो बढ़ाएगी ही, भारत की एकता को भी बढ़ाएगी। हमारी भारतीयभाषाओं में कितनी ही समृद्ध रचनाएं हैं, सदियों का ज्ञान है,अनुभव है। इन सबका अब और विस्‍तार होगा। इससे विश्‍व का भी भारत की समृद्ध भाषाओं से परिचय होगा और एक बहुत बड़ा लाभ ये होगाकि विद्यार्थियों को अपने शुरूआती वर्षों में अपनी ही भाषा में सीखने का अवसर मिलेगा।

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