Wednesday, August 5, 2020

देखें ,राम मंदिर पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा बयान, कहा- मूर्ति रखने और पूजा करने.!..

आज एक बार फिर मै जीवन से जुड़े कुछ जरुरी तथ्यों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर का भूमि पूजन होने वाला है। पीएम नरेंद्र मोदी भूमि पूजन में शामिल होंगे। इसी बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (All India Muslim Personal Law Board) ने एक बड़ा बयान जारी किया है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि बाबरी मस्जिद हमेशा एक मस्जिद रहेगी। बोर्ड ने कहा है कि सु्प्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है लेकिन इंसाफ को उन्होंने शर्मिंदा किया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बाबरी मस्जिद का अस्तित्व नहीं बदल जाएगा। बोर्ड ने इसे एक राजनीति कहा है।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ट्वीट कर अपना अधिकारिक बयान जारी किया है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना वली रहमानी ने कहा है कि बाबरी मस्जिद कल भी थी, आज भी है और कल भी रहेगी।
मस्जिद में मूर्ती रखने और पूजन होने से उसमें बदलाव नहीं होगा। वली रहमानी ने कहा, लंबे अर्से तक नमाज पर प्रतिबंध लगा देने से मस्जिद का वजूद खत्म नहीं हो जाता है। किसी को भी हताश होने की जरूरत नहीं है। स्थिति हमेशा के लिए एक जैसी नहीं रहती है। ये सब एक राजनीति है।

मौलाना वली रहमानी ने कहा, हमारा हमेशा यह मानना रहा है कि बाबरी मस्जिद किसी भी मंदिर या किसी हिंदू धार्मिक स्थल को तोड़कर नहीं बनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने अयोध्या विवाद वाले फैसले में हमारी स्थिति की पुष्टि की है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्वीकार किया है कि 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद का विध्वंस एक गैरकानूनी, असंवैधानिक और आपराधिक कृत्य था। लेकिन सच में यह बेहद ही दुखी करने वाली बात है कि इन सभी तथ्यों को स्वीकार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक अत्यंत अन्यायपूर्ण फैसला सुनाया था।

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