Sunday, August 23, 2020

भाजपा के केवल बात करने से नहीं आएगा रामराज्य: मायावती!..

आज एक बार फिर मै खान पान से जुडी कुछ जरुरी बातों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विधानमंडल के मानसून सत्र के संबोधन पर पलटवार किया है। वहीं उन्होंने बसपा को ब्राह्मणों का हितैषी बताते हुए स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ने कभी तिलक, तराजू आदि की बात नहीं की। बल्कि अपनी सरकार में ब्राह्मणों को उच्च पद दिया। मायावती के इस बयान से प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति को लेकर एक बार फिर आरोप प्रत्यारोप की सियासत तेज हो गई है।

मायावती ने शनिवार को ट्वीट किया कि भाजपा द्वारा केवल रामराज्य की बात करने से उत्तर प्रदेश की गरीब जनता का विकास व उत्थान आदि होने वाला नहीं है और न ही उन्हें जुल्म-ज्यादती से निजात ही मिलने वाला है।
बल्कि श्रीराम के उच्च आदर्शों पर चलकर सरकार चलाने से ही यह सब सम्भव हो सकता है, जिस पर यह सरकार चलती हुई नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि खासकर ब्राह्मण समाज के प्रति भाजपा की जातिवादी कार्यशैली से दुःखी होकर अब इस पार्टी से अलग होकर व बसपा में जुड़ते हुये देखकर इन्हें यह कह रहे हैं कि तिलक, तराजू की बात करने वाले अब परशुराम की बात कर रहे हैं। लेकिन यह समाज काफी बुद्धिमान है। इनके बहकावे में नहीं आयेगा।

जबकि जग-जाहिर तौर पर तिलक, तराजू आदि की बात बसपा ने कभी नहीं कही और ना ही बाबरी मस्जिद के स्थान पर कभी शौचालय बनाने की भी बात कही है। ये सब घृणित आरोप विरोधियों ने केवल बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए इन्हें जबरन हमारी पार्टी से जोड़ दिया है, जो अति-निन्दनीय। मायावती ने कहा कि यदि इस आरोप में थोड़ी भी सत्यता होती तो फिर बसपा अपनी पिछली सरकार में खासकर ब्राह्मण समाज के विधायकों को बड़ी संख्या में मंत्री व अन्य उच्च पदों पर क्यों रखती? वैसे यह समाज सब कुछ जानता है। वे बिल्कुल गुमराह नहीं होंगे। पार्टी को इन पर पूरा भरोसा है।

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था के मुददे पर भी विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 के मुकाबले प्रदेश में डकैती, लूट, बलात्कार, हत्या और अन्य प्रकार के अपराधों में काफी कमी आई है। डकैती में 74.5 प्रतिशत, लूट में 65.29, हत्या में 26.43 और बलात्कार के मामले में 38.47 फीसदी की कमी आई है। उन्होंने बताया कि नेशनल क्राइम ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक डकैती के मामले में उप्र का देश में 31वां स्थान है। वहीं लूट और हत्या के मामले उप्र क्रमशः 20वें एवं 26वें स्थान पर है।

वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि रोम की बात करने वाले भी अब राम-राम चिल्लाने लगे हैं। वो लोग अब जान गए है कि उत्तर प्रदेश में अब राम नाम से ही वैतरणी पार होनी है। उन्‍होंने कहा कि कुछ लोग तिलक-तराजू के नाम पर समाज में जहर घोलते हैं। राम और परशुराम में भेद बताकर गंदी सियासत करते हैं। जातिवादी, विभाजनकारी, कुत्सित मानसिकता रखते हैं। उन्हें जवाब देश की जनता देगी। विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही लोग हैं जो जातिवाद का झंडा लेकर चलते हैं। ये लोग वही लोग हैं, जो कन्नौज के नीरज मिश्र नाम के एक ब्राह्मण का सिर कटवा के मंगवाते हैं।

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