Tuesday, September 29, 2020

Bihar Flood: इन इलाकों में बाढ़ ने तीसरी बार मचाई तबाही, लाखों लोग हुए बेघर

पिछले तीन दिनों तक लगातार हुई बारिश से पूर्वी चंपारण में फिर बाढ़ आ गई है. इस सीजन में पूर्वी चंपारण में बाढ़ का यह प्रकोप तीसरी बार आया है. इस बार जिले के पांच प्रखंड बाढ़ में डूबे हैं. बाढ़ का पानी सुगौली नगर में प्रवेश कर गया है. पताही, बंजरिया और संग्रामपुर प्रखंड के गांवों में हर तरफ पानी भरा है. गंडक, सिकरहना और बागमती नदी फिर से उफान पर हैं. खेतों में बचे-खुचे फसल भी इस बार की बाढ़ के पानी में डूबकर बर्बाद हो गए.

संग्रामपुर में पिछली बार आई बाढ़ के बाद जिंदगी पटरी पर लौटी ही रही थी कि एकबार फिर से वह एनडीआरएफ के भरोसे हो गई है. संग्रामपुर में गंडक नदी से आई बाढ़ ने दूसरी बार दस्तक दिया है.
गली-मुहल्ले, खेत-खलिहानों में पानी भरा है. एनडीआरएफ की टीम लाइफ बोट के सहारे लोगों तक पहुंच रही है. उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल रही है.

सुगौली और बंजरिया प्रखंड के गांवों में सिकरहना नदी से आई बाढ़ ने तीसरी बार ग्रामीणों को परेशान कर रखा है. वहीं ढाका और पताही प्रखंड के गांवों में लालबकेया और बागमति ने तबाही मचानी शुरू की है. बाढ़ से सीतामढ़ी और शिवहर का सड़क संपर्क टूट गया है. पताही से शिवहर जाने वाली सड़क पर पानी का तेज बहाव है.

ग्रामीण रामनाथ पासवान बताते हैं कि बागमती नदी से पताही के गांवों में तीसरी बार बाढ़ आई है. पिछली दो बार आई बाढ़ से जो फसल थोड़े बच गए थे, इस बार वह भी बर्बाद हो गई. अब खाने के लिए भी अन्न आने की उम्मीद नहीं है. ग्रामीण युवक सुजीत कुमार कहते हैं कि बाढ़ ने सबकुछ बर्बाद कर दिया. सरकार से मिलने वाले छह हजार रुपये तक नहीं मिले, अनाज तो दूर की बात है.

बांध और गंडक नदी के बीच बसे गांव के विकास कुमार बताते हैं कि अधिकरियों और विधायक का ध्यान सिर्फ चुनाव पर है. ग्रामीण किस तरह जीवन के लिए जद्दोहजद कर रहे हैं, यह देखने वाला कोई नहीं है. बस एनडीआरएफ की टीम है, जो लाइफ बोट के सहारे लोगों तक पहुंच रही है. पानी में डूबे घर से बच्चे, बूढ़े, जवानों को बचाकर निकाल रही है और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रही है.

Tags: Bihar News

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