Monday, September 28, 2020

घर के इस दिशा में कभी ना रखें कूड़ादान, जा सकती है सुख-शांति

वास्तु विज्ञान (Architectural science) का स्पष्ट अर्थ है चारों दिशाओं से मिलने वाली ऊर्जा तरंगों का संतुलन। यदि ये तरंगें संतुलित रूप से आपको प्राप्त हो रही हैं, तो घर में स्वास्थ्य व शांति बनी रहेगी। अत: ढेरों वर्जनाओं में बँधने के बजाय दिशाओं को संत‍ुलित करें तो लाभ मिल सकता है।

वास्तु विज्ञान (Architectural science) घर का निर्माण वास्तु नियमों के अनुसार नहीं हुआ है तो ये नकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि करता है, जो उस घर की खुशहाली, समृद्धि और वहां के निवासियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है साथ ही साथ बच्चों का करियर और पारिवारिक रिश्ते भी खराब हो सकते हैं।

इसी प्रकार घर में रखी हुई चीजें भी वहां की ऊर्जा को सकरात्मक या नकारात्मक बनाती है। कूड़ादान एक ऐसी चीज है जिसका उपयोग आप व्यर्थ की वस्तुओं को फेंकने में करते हैं, इसलिए वास्तुशास्त्र के हिसाब से इसे घर में रखने के लिए सही दिशा का चुनाव करना बहुत जरूरी है।

कहां रखें कूड़ादान

वास्तु में दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम को अपव्यय और विसर्जन का जोन माना गया है इसलिए यह दिशा कूड़े दान रखने के लिए उपयुक्त मानी गई है। कूड़ादान रखने से आपके दिमाग में व्यर्थ की बातें नहीं आतीं, आप अपने काम पर ठीक से फोकस करते हैं।

डिप्रेशन के जोन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में भी आप कूड़ादान रख सकते हैं। यहां रखा कूड़ादान आपको जीवन के प्रति सकारात्मक बनाता है। वास्तु के अनुसार इन चीजों को शयनकक्ष में रखने से पति-पत्नी में बढ़ता है मनमुटाव।

कहां नहीं रखें    

वास्तु में उत्तर दिशा का संबंध धन व करियर से है।

उत्तर दिशा में कूड़ादान रखने से धन प्राप्ति के नए अवसर नहीं मिलते वही धन हानि होने की भी संभावना बनी रहती है। नौकरी तलाश कर रहे युवाओं के रास्ते में भी यह बाधा उत्पन्न करता है। भूलकर भी इस दिशा में कूड़ेदान नहीं रखें।

स्पष्टता और प्रज्ञा की उत्तर-पूर्व दिशा ईश की दिशा मानी गई है। वास्तु के अनुसार यहाँ कूड़ादान रखने से देवताओं की कृपा प्राप्त नहीं होती एवं यहाँ कूड़ादान होने से अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

हर दिशा कुछ न कुछ कहती है

उत्तर-पूर्व में रखे कूड़ेदान की वजह से यहां रहने वाले लोगों के दिमाग में नए और क्रिएटिव विचार मुश्किल से ही आते हैं। सूर्य से संबंध रखने वाली पूर्व दिशा मान-सम्मान और सामाजिक सम्पर्क से संबंध रखने वाली दिशा मानी गई है। इस दिशा में कूड़ादान रखने से आर्थिक समस्याएं झेलनी पड़ती हैं वहीं परिवार के सदस्यों के बाहरी लोगों से रिश्ते खराब होते हैं।

दक्षिण-पूर्व दिशा का संबंध शुक्र ग्रह से है। भूलकर भी इस तरफ कूड़ादान नहीं रखना चाहिए। इस दिशा में कूड़ादान रखने से आपके व्यापार में धनहानि हो सकती है एवं अच्छे कार्यों में बाधा आएगी।

यश और आराम के दिशा क्षेत्र दक्षिण में कूड़ादान होने से वहां रहने वाले लोगों को आराम का अनुभव बिल्कुल नहीं होता है।परिवार के लोग कितनी भी मेहनत से कोई भी कार्य क्यों न कर लें उनकी मेहनत बेकार चली जाती है,उन्हें किसी से भी प्रशंसा नहीं मिलती।

दक्षिण-पश्चिम या नैऋत्य दिशा को आपसी संबंधों और रिश्तों की दिशा मानी गई है। इस दिशा में कूड़ादान रखने से आपसी संबंधों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। परिवार में एक राय नहीं होने से हमेशा तना-तनी का माहौल रहता है,बच्चे आपस में एवं बड़ों से झगड़ते रहेंगे।

पश्चिम दिशा लाभ और मेहनत का फल मिलने की दिशा मानी गई है। इस दिशा में रखा हुआ कूड़ेदान यहां के लोगों की मेहनत का उचित फल मिलने में बाधा बनने का कारण बनेगा।

इसी प्रकार मदद और सहयोग के दिशा क्षेत्र उत्तर-पश्चिम में कूड़ादान नहीं रखें। यहां कूड़ादान रखने से आपको बाहर के लोगों से कोई मदद नहीं मिलेगीऔर जरूरत पड़ने पर आप भी किसी की सहायता नहीं करेंगे।

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Risabh SinghRishabh Singh

shivamsinghrishabh@gmail.com

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