Friday, September 4, 2020

चीन के नापक मंसूबों पर बोला अमेरिका-कोराना संकट में रच रहा साजिश, भारत के साथ घटनाक्रम इसका उदाहरण!..

आज एक बार फिर मै खान पान से जुडी कुछ जरुरी बातों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

नई दिल्ली। पूरे विश्व में कोरोना वायरस ने तबाही मचाई हुई है। कोरोना संक्रमण से कई देशों की स्थिति अब भी बिगड़ी हुई है। लेकिन चीन इन सबके बीच भी अपने नापाक मंसूबों से पीछे नहीं हट रहा है। अमेरिका ने कहा है कि पूरी दुनिया इस कोरोना संकट से परेशान चल रही है इसके बाद भी चीन साजिश रच रहा है।

अमेरिकी राजनयिक डेविड स्टिलवेल ने बुधवार को कहा कि वुहान में कोविड-19 के सामने आने के बाद भारत उन देशों में शामिल है, जहां से चीन लाभ लेने में जुटा हुआ है।स्टिलवेल का इशारा चीन द्वारा लद्दाख की सीमा में की गई घुसपैठ की तरफ था। उन्होंने कहा कि इसके इतर भी कई ऐसे सबूत हैं, जिनसे ये बात स्पष्ट होती है कि बीजिंग किन इरादों के साथ आगे बढ़ रहा है।

अमेरिकी राजनयिक ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वुहान से कोरोना के प्रकोप के बााद हमने जो देखा है, ऐसा लगता है कि पीआरसी (पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना) स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है, और मुझे लगता है कि उनमें से भारत एक उदाहरण है। स्टिलवेल ने कहा, बीजिंग में बैठे अपने दोस्तों से मैं कहना चाहूंगा कि वे इन मुद्दों को हल करने के लिए शांतिपूर्ण तरीकों और बातचीत के माध्यम की मदद लें।

पूर्वी एशियाई और प्रशांत मामलों के सहायक सचिव ने भी अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो की टिप्पणी को दोहराते हुए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका भारत और चीन के बीच सीमा गतिरोध के शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद करता है। इसके साथ ही 29/30 अगस्त की रात का भी अमेरिकी राजनयिक ने जिक्र किया है।

उन्होंने कहा कि चीन पूर्वी लद्दााख की पेंगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर घुसपैठ की कोशिश की लेकिन भारतीय सुरक्षाबलों की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर पूछे गए एक सवाल पर डेविल स्टिलवेल ने कहा, हिमालय में हो रहे संघर्ष खासतौर पर पीआरसी के अपने पड़ोसियों से मतभेदों को लेकर हैं, हम उन्हें सलाह देते हैं कि वे इन मुद्दों को शांति और बातचीत के साथ हल करें, ना कि बल का प्रयोग करें।

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