Sunday, September 13, 2020

विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने दोहा में आयोजित आंतरिक अफगान वार्ता के उदघाटन सत्र में हिस्‍सा लिया


विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने आज दोहा में विडियो टेली कांफ्रेंस के जरिये आयोजित आंतरिक अफगान वार्ता के उदघाटन सत्र में हिस्‍सा लिया। इसके लिए कतर के विदेश मंत्री मोहम्‍मद बिन अब्‍दुल रहमान बिन जासिम अल थानी की ओर से विदेश मंत्री को निमंत्रण मिला था। अपने भाषण में डॉ० जयशंकर ने भारत और अफगानिस्‍तान के बीच हजारों साल पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्‍होंने अफगानिस्‍तान के सहयोगी के रूप में भारत की भूमिका का उल्‍लेख करते हुए कहा कि अफगानिस्‍तान के सभी 34 प्रांतों में भारत ने चार सौ से अधिक परियोजनाएं पूरी कर ली हैं।

विदेश मंत्री ने कहा कि अफगानिस्‍तान के बारे में भारत की नीति हमेशा एक जैसी रही है। भारत का मानना है कि अफगानिस्‍तान को लेकर कोई भी शांति प्रक्रिया अफगान लोगों के नेतृत्‍व और स्‍वामित्‍व में तथा उन्‍हीं के द्वारा नियंत्रित होनी चाहिए। इसमें अफगानिस्‍तान की राष्‍ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरा सम्‍मान किया जाना चाहिए और लोकतांत्रिक इस्‍लामी गणराज्‍य की स्‍थापना में हुई प्रगति को सुरक्षित रखा जाना चाहिए। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि अफगानिस्‍तान में अल्‍पसंख्‍यकों, महिलाओं और समाज के कमजोर तबकों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए और अफगानिस्‍तान के भीतर तथा इसके पडोस में हिंसा से कारगर तरीके से निपटा जाना चाहिए।

डॉ० जयशंकर ने अफगानिस्‍तान के लोगों की अपेक्षाओं के अनुसार आंतरिक वार्ता की सफलता की कामना की।

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