Sunday, September 20, 2020

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व एमएलसी इकबाल पर कसेगा ईडी का शिकंजा, सौरभ जैन पर मेहरबानी क्यों?!..

आज एक बार फिर मै खान पान से जुडी कुछ जरुरी बातों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

लखनऊ। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बसपा के पूर्व एमएलसी इकबाल पर ईडी का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। इकबाल की ग्लोकल यूनिवर्सिटी और मसूरी स्थित एक आलीशान होटल को ईडी अटैच करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही इससे जुड़ी सभी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गईं हैं।

ईडी की पड़ताल में सामने आया है कि इकबाल ने अपनी काली कमाई 700 एकड़ में बनी ग्लोकल यूनिवर्सिटी और होटल में लगाई है। दोनों संपत्ति की कीमत ढाई हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। सूत्रों की माने तो इकबाल की काली कमाई के बड़े हिस्से से उसके करीबियों और दोस्तों के व्यापार में लगी हुई है।

इसके साथ ही जांच में सामने आया है कि इकबाल की काली कमाई का सबसे ज्यादा हिस्सा होटल में लगा हुआ है।
बता दें कि, इकबाल करीब 15 वर्ष पहले लकड़ी की मामूली टाल और फलों की दुकान लगाने का काम करता था। देखते ही देखते वह कई सौ करोड़ रुपये कमा लिए।

इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के अलावा 150 से ज्यादा कंपनियां और 40 से ज्यादा फर्में बनाई। जांच में सामने आया कि इकबाल की कंपनियों में उसके करी​बी लोग ही ज्यादतर हैं। ईडी के अलावा सीबीआई, डीआरआई, आईबी सहित 13 एजेंसियां इकबाल के खिलाफ जांच कर रही हैं।

तीन बड़े घोटाले में रही भूमिका
बसपा सरकार के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के करीबियों में इकबाल की गिनती होती थी। यूपी के तीन बड़े घोटाले खनन, चीनी मिल और एनआरएचएम में अहम भूमिका सामने आयी थी। ईडी से की गई शिकायत में कहा गया है कि इकबाल यूनिवर्सिटी में एचआरएचएम घोटाले की बड़ी रकम लगाया है।

फिर सौरभ जैन पर मेहरबानी क्यों?
वहीं, जब​ इकबाल की संपत्तियों को ईडी अटैच करने की तैयारी कर रही है तो ऐसे में सवाल उठता है कि सौरभ जैन पर मेहरबानी क्यों की जा रही है। एआरएचएम के आरोपित और बड़े दवा कारोबारी सौरभ जैन ने अरबों रुपयों का खेल किया था। लेकिन सौरभ जैन की संपत्तियों को अटैच नहीं किया गया।

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