Tuesday, September 15, 2020

देश में मंहगाई की मार, फल-सब्जियों के साथ इन चीजों के बढे दाम

थोक महंगाई दर के आंकड़े जारी हो चुके हैं। इन आंकड़ों की माने तो अगस्त महीने में थोक महंगाई दर में वृद्धि हुई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के जरिए जारी आंकड़ों की माने तो, अगस्त में भारत में थोक महंगाई दर बढ़कर 0.16% पर पहुंच गई। जबकि, जुलाई में यह -0.58% पर थी।

केंद्र सरकार ने बताया कि थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 4 महीने तक नकारात्मक रही, किन्तु अगस्त में इसमें वृद्धि हुई है। सरकारी आंकड़ों की माने तो, अप्रैल में WPI -1.57% थी. वहीं, मई में यह -3.37%, जून में -1.81% और जुलाई में -0.58% पर थी।

दवाइयों, फल एवं सब्जियों सहित ये वस्तुएं हुई महंगी
अगस्त माह में खाद्य उत्पादों, फल और सब्जियों संग पेय पदार्थों, चमड़े से संबंधित उत्पादों, लकड़ी और लकड़ी के उत्पादों, दवाइयों, औषधीय रसायन तथा वनस्पति उत्पादों, मेटल, बिजली के उपकरणों, औजारों एवं परिवहन उपकरणों के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अगस्त के दौरान खाद्य चीजों की मुद्रास्फीति 3.84% रही। आलू के दामों में 82.93% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, सब्जियों की महंगाई दर 7.03% रही। अगस्त माह में ईंधन व बिजली की महंगाई दर 9.68% थी।

अगस्त में क्रूड ऑयल के दामों में 17.44% की गिरावट आई। वहीं, बीते वर्ष के मुकाबले अगस्त में ईंधन की कीमतों में 9.7% की कमी आई है। RBI ने अक्टूबर 2020 से मार्च 2021 की अवधि में महंगाई के कम होने का अंदाजा लगाया है। इसके बाद ही interest rates कम किए जाने की संभावना है।

क्या होती है थोक महंगाई दर?
बता दें कि हिंदुस्तान में महंगाई दर बाजारों में सामान्य तौर पर कुछ वक्त हेतु वस्तुओं के दामों में उतार-चढ़ाव महंगाई को दर्शाती है। जब किसी देश में वस्तुओं या फिर सेवाओं के दाम सामान्य से ज्यादा हो जाते हैं तो इस स्थिति को महंगाई बोलते हैं। चीजों की कीमतें बढ़ जाने के कारण परचेजिंग पावर प्रति यूनिट कम हो जाती है। हिंदुस्तान में वित्तीय और मौद्रिक नीतियों के अनेक फैसले सरकार थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर के हिसाब करती है।

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