Friday, September 11, 2020

चीन से जंग, घेरने के लिए ताईवान-तिब्बत आये भारत के संग

चीन की बढ़ती दादागिरी के खिलाफ ड्रैगन के दो धुर विरोधी ताइवान और तिब्‍बत साथ आते दिखाई दे रहे हैं। भारत की ओर से तिब्‍बती सैनिकों के चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के बाद यह दोस्‍ती और गहरी होती दिखाई दे रही है। तिब्‍बतियों के सर्वोच्‍च धर्मगुरु दलाई लामा ने जहां अगले साल ताइवान की यात्रा करने की इच्‍छा जताई है, वहीं ताइवान के राष्‍ट्रपति की प्रवक्‍ता ने विकास फोर्स में शामिल तिब्‍बती सैनिक के शहीद होने पर दुख जताया है।

दलाई लामा ने वाइस ऑफ तिब्‍बत फेसबुक पेज पर घोषणा की कि उन्‍हें ताइवान के एक संगठन की ओर से न्‍यौता म‍िला है। दलाई लामा ने कहा कि वह वर्ष 2021 में ताइवान की यात्रा कर सकते हैं।
उन्‍होंने यह नहीं बताया कि उन्‍हें किस संगठन से न्‍यौता म‍िला है। वुहान कोरोना वायरस के दुनिया में फैलने के बाद से ही दलाई लामा लोगों से नहीं मिल रहे हैं और न ही व‍िदेशों की यात्रा कर रहे हैं।

उधर, इस यात्रा पर ताइवान के व‍िदेश मंत्रालय ने कहा है कि दलाई लामा दुनिया के नामचीन आध्‍यात्मिक गुरु हैं। उनके सराहनीय कार्य की वजह से ही उन्‍हें नोबेल पीस प्राइज मिला था। मंत्रालय ने कहा कि दलाई लामा के बड़ी संख्‍या में समर्थक ताइवान में भी हैं जो चाहते हैं कि दलाई लामा उन्‍हें उपदेश देने के लिए दोबारा आएं। उन्‍होंने बताया कि अभी दलाई लामा की ओर से कोई आवेदन नहीं मिला है लेकिन अगर आवेदन आता है तो वह इस पर विचार करेगा।

दलाई लामा वर्ष 1997, 2001 और 2009 में ताइवान की यात्रा कर चुके हैं। हालांकि जब से चीन में शी जिनपिंग ने सत्‍ता संभाली है, दलाई लामा की यात्राएं कम हो गई हैं। उधर, भारत के विकास स्‍पेशल फोर्स में तिब्‍बती सैनिक की शहीद होने पर ताइवान के राष्‍ट्रपति की प्रवक्‍ता ने दुख जताया है। उन्‍होंने कहा कि भारत के स्‍पेशल फ्रंटियर फोर्स में शाम‍िल जवान नयमा तेनजिन के पार्थिव शरीर को तिब्‍बती राष्‍ट्रीय झंडे में लिपटे देखकर दुख हो रहा है।

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