Wednesday, September 2, 2020

देखें ,रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, LAC के पास 1000 वर्ग किलोमीटर पर चीन का कब्ज़ा!..

आज एक बार फिर मै जीवन से जुड़े कुछ जरुरी तथ्यों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

भारत-चीन (India China) सीमा पर स्थिति तनाव पूर्ण बनी हुई है। पैंगोंग त्सो इलाके में चीन के घुसपैठ की कोशिश के बाद भारत (India) इस पूरे इलाके पर कब्जा कर चुका है, जिससे पीएलए (PLA) और चीनी सरकार (Chinese Government) तिलमिला उठी है।

चीनी सेना (Chinese aarmy) बदला लेने की फिराक में सीमा पर अपनी सेना और साजो सामान बढ़ा रही है। वहीं, स्थिति को देखते हुए भारतीय सेना भी अपने जवानों की संख्या और हथियार व गोला बारूद बढ़ा रही है। दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है, लेकिन सीमा पर हालात नाजुक है। किसी भी पल स्थिति बिगड़ सकती है और दोनों देश युद्ध के रास्ते पर भी जा सकते हैं।

इसी बीच भारत सरकार (India Government) को एक ऐसी खुफिया इनपुट मिला है, जो सीमा पर तनाव और बढ़ा सकते हैं।
केन्द्र को दिए गए खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, लद्दाख का लगभग 1000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र इस समय चीन के कब्जे में है। पेट्रोलिंग प्वाइंट 13-14 से देपसांग प्लेन्स में भारत की एलएसी का जो निर्धारण है, उसका 900 वर्ग किमी का इलाका इस समय चीन के नियन्त्रण में है।

अंग्रेजी अखबार द हिन्दू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देपसांग प्लेन से चुसुल तक चीन ने बड़ी संख्या में सेना तैनात की है। गलवान घाटी में 20 वर्ग किलोमीटर, हॉट स्प्रिंग्स में 12 वर्ग किलोमीटर, पैंगोंग सो में 65 वर्ग किलोमीटर और चुसूल में 20 वर्ग किलोमीटर का इलाका चीन के कब्जे में है।

बता दें कि भारत सेना और पीएलए के बीच 15 जून की रात गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद चीन सीमा पर कूटनीतिक और सैन्य स्तर की कई दौर की वार्ता के बाद भी गतिरोध जारी है।

एनएसए अजित डोभाल और वांग यी के बीच बातचीत के बाद 5 जुलाई को दो देशों की सेनाएं कुछ पीछे हटी है और देशों सेनाओं के बीच बफर जोन बना दिया गया है, लेकिन पैंगोंग त्सो (झील) के पास फिंगर 4 से 8 तक के इलाके पर आठ किलोमीटर की दूरी पर चीनी सेना का काफी कब्ज़ा है।

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