Wednesday, September 16, 2020

UP: अब ताजमहल का नाम तेजोलय करने की उठी मांग, कभी भव्य शिव मंदिर था ताजमहल!..

आज एक बार फिर मै खान पान से जुडी कुछ जरुरी बातों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

प्रयागराज। यूपी में अखिलेश सकार के कार्यकाल के दौरान शुरू हुए निर्माणाधीन मुगल म्यूजियम का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर किए जाने के बाद सियासत शुरू हो गई है। इस कड़ी में विश्वप्रसिद्ध ताजमहल का नाम बदलने की मांग की जा रही है। आगरा के ताजमहल का नाम बदलने के पीछे दलीलें भी दी जा रही हैं। यूपी गौ सेवा आयोग के भोले सिंह ने कहा है कि अब सरकार को ताजमहल का भी नाम बदलकर तेजोलय कर देना चाहिए। उन्होंने ताजमहल को भगवान शिव का प्राचीन मंदिर बताते हुए इसका नाम बदलने की वकालत की।

ताजमहल कभी भव्य शिव मंदिर था

प्रयागराज में दिए बयान में भोले सिंह ने कहा कि ताजमहल कभी भव्य शिव मंदिर था।
यह इतिहास का शाश्वत सत्य है। उन्होंने कहा कि तेजोलय को बाद में मुस्लिम शासकों ने इस्लामिक लुक दिया। उन्होंने दावा किया कि आज भी ताजमहल में पानी की बूंदें टपकती हैं, यह बूंदें कहां से टपकती है इसका वैज्ञानिक भी पता नहीं लगा सके हैं। भोले सिंह ने मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी के नाम पर किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वे लगातार कड़े फैसले ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई मुगल हमारा नायक नहीं हो सकता

दरअसल, आगरा मंडल की समीक्षा बैठक के दौरान सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माणाधीन मुगल म्यूजियम का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई मुग़ल हमारा नायक नहीं हो सकता, छत्रपति शिवाजी महाराज ही हमारे असली नायक हैं। मुख्यमंत्री ने इसे लेकर एक ट्वीट भी किया। जिसके बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर नाम बदलने का आरोप लगाया। समाजवादी पार्टी ने कहा कि यह सरकार सिर्फ नाम बदल रही है। कांग्रेस ने कहा कि नाम बदलने की क्या आवश्यकता है। आज असल मुद्दा गरीब, किसान, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था है।

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