Monday, October 5, 2020

देखें ,14 साल की नाबालिग छात्रा से गैंगरेप, लहुलुहान स्थिति में छोड़ा!..

आज एक बार फिर मै जीवन से जुड़े कुछ जरुरी तथ्यों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

सोनबरसा थाना क्षेत्र के एक गांव में काेचिंग पढ़ने जा रही 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दो युवकों ने हथियार के बल पर गैंगरेप किया। लहूलुहान स्थिति में सरेह में पीड़िता को छोड़कर दाेनाें आराेपी भाग निकाले। सरेह में दर्द से कराह रही पीड़िता को परिजनों ने घर पर लाया, जहां मुखिया पुत्र ने पीड़िता को शादी कराने के नाम पर दो दिनों तक गांव में रोके रखा और पुलिस को भनक तक नहीं लगने दिया।

दो दिन बाद भरी पंचायत में मुखिया पुत्र मो. जिलानी ने शादी कराने की बात से इनकार कर दिया। लगातार तीन दिनों से रक्तस्त्राव से पीड़ित नाबालिग की हालत गंभीर होते देख परिजनों ने रविवार की सुबह लोगों से छुपते-छुपाते हुए इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां पीड़िता की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

पीड़ित लड़की के पिता ने बताया कि गुरुवार की शाम उसकी बेटी अपने छोटे भाई के साथ कोचिंग पढ़ने के लिए मदरसा गई थी। पढ़ने जाने के क्रम में दो युवक मो. जुबैर एवं मो. नौशाद ने हथियार के बल पर जबरन उसका मुंह बंद कर दिया। इसी बीच दोनों आरोपियों ने लड़की को गांव के सरेह में ले जाकर दुष्कर्म किया।

पीड़िता के भाई से जानकारी मिलने के बाद परिजन सरेह की ओर दौड़ पड़े। इस दौरान पीड़िता लहूलुहान स्थिति में जमीन पर पड़ी थी। घटना की जानकारी गांव के मुखिया पुत्र मो. जिलानी को दी। इस दौरान मुखिया पुत्र द्वारा आरोपी से पीड़िता लड़की की शादी कराने का आश्वासन दिया। इस कारण परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी।

पीड़िता के पिता ने बताया कि मुखिया पुत्र द्वारा घटना के दिन आरोपी के साथ पीड़िता की शादी कराने का आश्वासन दिया था। इसको लेकर शुक्रवार को गांव में पंचायत होने वाली थी। लेकिन, शुक्रवार को पंचायत के दौरान मुखिया पुत्र शादी कराने की बात से मुकर गया। जब हमलोग पुलिस का सहारा लेने के लिए गांव से निकल रहे थे, तो मुखिया पुत्र ने घटना की सूचना पुलिस काे नहीं देने की बात कही।

घटना के बाद से ही लगातार रक्तस्राव हो रहा था। लेकिन, मुखिया पुत्र हमलोगों को रोक रखा था। इस कारण हमलोग इलाज के लिए नहीं पहुंच पा रहे थे। रविवार की सुबह तबीयत बिगड़ने पर गांव के लोगों से छुपकर इलाज के लिए सदर अस्पताल में पहुंचे।

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