Thursday, October 1, 2020

देखें, हाथरस जैसी हैवानियत: दलित छात्रा से 6 लोगों ने गैंगरेप कर तोड़ डाले शरीर के अंग..

आज एक बार फिर मै कुछ टेक्नोलॉजी से जुडी नयी पोस्ट की अपडेट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को अंत तक पढ़ते रहे ..

युवती के परिजनों का कहना है कि युवती जब महाविद्यालय में एडमीशन कराकर घर लौट रही थी तो गांव के ही 5-6 लड़कों ने उसका अपहरण कर लिया. लड़कों ने उसे गांव के ही एक घर में ले जाकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया.

हाथरस गैंगरेप मामले में पीड़िता की अभी चिता भी नहीं बुझी थी कि उत्तर प्रदेश में ऐसी ही एक और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटी.
यूपी के बलरामपुर में 22 वर्षीय दलित छात्रा का अपहरण कर उसके साथ रेप की घटना सामने आई है. जानकारी के मुताबिक छात्रा का अपहरण कर उसे नशीला पदार्थ खिलाकर दरिंदों ने उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया. इतना ही नहीं दरिंदों ने छात्रा को देर शाम गंभीर हालत में रिक्शे पर लादकर उसके घर भेज दिया. जिसके कुछ घंटों बाद उसकी मौत हो गई.

मामला बलरामपुर के गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र का है. युवती के परिजनों का कहना है कि 22 वर्षीय दलित छात्रा 29 सितंबर सुबह करीब 10 बजे बीकॉम में एडमीशन कराने घर से निकली थी. लेकिन जब शाम को करीब 5 बजे तक वह घर नहीं लौटी तो उसकी खोजबीन शुरू हुई. करीब शाम 7 बजे पीड़ित युवती एक रिक्शे में बुरी तरह से घायल अवस्था में घर पहुंची. उसकी ये हालत देख घर वालों ने पूछताछ करने की कोशिश की तो वो दर्द से कराहने लगी. गांव के दो डाक्टरों को दिखाने के बाद जैसे ही जिला मुख्यालय पर इलाज करवाने के लिए गांव से बाहर निकले तो कुछ दूर जाने के बाद छात्रा की मौत हो गई.

बताया जा रहा है कि जब छात्रा घर पहुंची तो कीचड़ से लथपथ थी और उसके हाथ में ग्लूकोज चढ़ाने वाला वीगो लगा था. परिजनों ने जब गांव में पता करने की कोशिश की तो पता चला कि गांव के ही एक डॉक्टर को गांव के ही (मुस्लिम समुदाय के) एक लड़के ने घर में युवती के इलाज के लिए बुलाया था.

परिजनों ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि जब छात्रा पचपेड़वा के विमला विक्रम महाविद्यालय में एडमीशन कराकर घर लौट रही थी तो गांव के ही 5 से 6 लड़कों ने उसका अपहरण कर लिया. लड़कों ने उसे गांव के ही एक घर में ले जाकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया. जिस रिक्शे पर छात्रा को घर पहुंचाया गया उस पर खून के घब्बे व रास्ते में उसकी जूती भी पाई गई है.

मृतक युवती की मां का आरोप है कि उसकी बेटी के साथ इंजेक्शन लगाकर हैवानियत की गई. जिसके बाद वो कुछ भी बोल नहीं पा रही थी. वो सिर्फ इतना कह पाई कि बहुत दर्द है, अब मैं बचूंगी नहीं. जघन्य गैंगरेप की शिकार पीड़ित दलित छात्रा मेघावी थी और करीब दो साल से एक संस्था में कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन के पद पर तैनात होकर क्षेत्र के किसानों को आधुनिक खेती करने के लिए जागरूक करने का काम भी करती थी. 30 सितंबर को घटना की सूचना पाकर पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि संयुक्त जिला चिकित्सालय स्थित पोस्टमार्टम हाउस में करीब 6 घंटे तक युवती का पोस्टमार्टम 4 डाक्टरों के पैनल ने किया और जिले के सीएमओ को भी पोस्टमार्टम हाउस तक आना पड़ा. देर शाम युवती का शव परिजनों को सौंपा गया. सूत्रों की मानें तो गैंगरेप के बाद युवती के अंतरिक एवं बाहरी अंगों में काफी चोटें आईं जिसके कारण उसकी मौत हो गई. घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. घटना की जांच की जा रही है.

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