Friday, October 9, 2020

भारतीय खेल प्राधिकरण-साई ने ओलंपिक के लिये संभावित महत्वपूर्ण निशानेबाजों के लिए नई दिल्ली स्थित कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में दो महीने के निशानेबाज़ी प्रशिक्षण शिविर को मंजूरी दी


ओलंपिक खेलों के लिये संभावित महत्वपूर्ण ग्रुप के निशानेबाजों के लिए नई दिल्ली स्थित डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में दो महीने का प्रशिक्षण शिविर 15 अक्टूबर से 14 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा।

शिविर में 32 निशानेबाज़ (18 पुरुष और 14 महिलाएं), 8 प्रशिक्षक, 3 विदेशी प्रशिक्षक और दो सहायक कर्मचारी शामिल होंगे। ओलंपिक कोटा स्थान विजेता सभी 15 निशानेबाज़ शिविर में भाग लेंगे। इस प्रशिक्षण शिविर पर कुल 1.43 करोड़ रुपये की लागत आयेगी।

भारतीय खेल प्राधिकरण ने एक बयान में कहा, “ओलंपिक जैसे आयोजन की तैयारी का एक अभिन्न अंग होने के कारण एक शिविर का होना अनिवार्य है। प्रशिक्षण शिविर साई के मानक संचालन प्रक्रिया के निर्देशों के साथ आयोजित किया जाएगा।”

विश्व निशानेबाज़ी चैंपियनशिप-2018 में रजत पदक जीतकर टोक्यो ओलंपिक खेलों का कोटा स्थान अर्जित करने वाली राइफल शूटर अंजुम मौदगिल, एक शिविर के माहौल में वापस आकर बहुत खुश हैं। इस शिविर से उन्हे यह जानने में मदद मिलेगी कि वह इस समय अपने खेल में किस स्तर पर खड़ी हैं? उन्होने कहा, “यह बहुत अच्छा है: साई और भारतीय राष्ट्रीय रायफ़ल संघ-एनआरएआई के शिविर को आयोजित करने के फैसले से हमें ज़रूरी अभ्यास करने में काफी मदद मिलेगी क्योंकि ओलंपिक खेलों के लिए अब केवल 10 महीनों का समय ही बचा है। कैंप के माहौल में नियमित रूप से निशानेबाज़ी का अभ्यास करने से हमें यह जानने का एक बेहतर मौका मिलेगा कि हम वर्तमान में अपने खेल के किस स्तर पर हैं।”

कोरोनोवायरस महामारी के दौरान निशानेबाज़ अपने-अपने होम रेंज पर ही अभ्यास कर रहे हैं और लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ओलंपिक संभावित विशिष्ट समूह के लिए यह पहला पूर्ण शिविर होगा। राष्ट्रीय टीम के प्रशिक्षक शिविर में निशानेबाजों की प्रगति की निगरानी करेंगे और एथलीटों को उनकी ओलंपिक तैयारियों में मदद करेंगे।

पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी, दिव्यांश सिंह पंवार, राष्ट्रीय प्रशिक्षकों के साथ शिविर में वापस लौटने के लिए उत्सुक हैं। उन्होने कहा, “हालांकि मैं लॉकडाउन के समय से ही प्रशिक्षण ले रहा हूं, लेकिन सभी साथी निशानेबाजों के साथ एक शिविर में प्रशिक्षण बहुत अधिक कारगर साबित होगा। हमारी प्रगति की निगरानी करने वाले राष्ट्रीय प्रशिक्षकों के साथ बेहतर तैयारी के लिये मैं इस शिविर का इंतजार कर रहा हूं।”

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के अध्यक्ष श्री रनिंदर सिंह ने शिविर के बारे में कहा, “हमारे निशानेबाज़ लॉकडाउन के दौरान घर पर प्रशिक्षण लेते रहे हैं लेकिन एक शिविर में एक साथ प्रशिक्षण देने से उन्हें बहुत मदद मिलेगी। हमें बहुत खुशी है कि साई ने इस दो महीने के प्रशिक्षण शिविर को मंजूरी दे दी है। यह शिविर हमारे निशानेबाजों को लॉकडाउन की घोषणा से पहले उनके प्रदर्शन स्तर को दोबारा प्राप्त करने में मदद करेगा।”

भारत ने टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए निशानेबाज़ी में अब तक रिकॉर्ड 15 कोटा स्थान जीते हैं और विश्व रैंकिंग के आधार पर भारत को और अधिक कोटा स्थान प्राप्त हो सकते हैं।

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