Friday, October 16, 2020

हाथरस केस: पीड़ित परिवार की सुप्रीम कोर्ट में अपील-दिल्ली में हो ट्रायल, फैसला सुरक्षित!..

आज एक बार फिर मै खान पान से जुडी कुछ जरुरी बातों के साथ ये नयी पोस्ट लेकर आया हूँ, इस पोस्ट को आखिरी तक पढ़ते रहे ..

नई दिल्ली। हाथरस केस मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया, मगर मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने के संकेत दिए। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में पीड़ित परिवार ने अपील की है कि इस मामले का ट्रायल दिल्ली में हो। हाथरस कांड में एक जनहित याचिका दायर की गई है जिसमें जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के वर्तमान या रिटायर्ड जज से कराने की मांग की गई है।

पढ़ें :- आप नेता संजय सिंह ने योगी सरकार को घेरा, कहा-हाथरस केस के आरोपियों को बचाने की हो रही कोशिश

साथ ही इस मामले को उत्तर प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित किया जाए, क्योंकि राज्य सरकार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है।
इससे पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने बताया था कि पीड़ित परिवार और गवाहों की तीन स्तरीय सुरक्षा की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को जवाब दाखिल कर योगी सरकार ने कहा कि पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा प्रदान की गई है।

उन्होंने अदालत को यह भी बताता है कि पीड़ित के परिवार ने वकील सीमा कुशवाहा को अपने निजी वकील के रूप में नियुक्त किया है। यूपी सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हाथरस पीड़ित का परिवार चाहता है कि सुप्रीम कोर्ट मामले की देखरेख करे और यूपी सरकार को इससे कोई समस्या नहीं है, यह प्रतिकूल नहीं है।

सीजेआई बोबडे ने मेहता से कहा कि हाईकोर्ट को इससे निपटने दें और हम इस अर्थ में पर्यवेक्षण करेंगे कि हम अंतिम पर्यवेक्षक और अपीलीय निकाय हैं। वहीं, सुनवाई के दौरान पीड़िता की वकील सीमा कुशवाहा ने कहा कि गवाहों और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस मामले की स्थिति रिपोर्ट को अदालत को सौंपा जाए। वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार को सीबीआई जांच से कोई परेशानी नहीं है, वह पूरा सहयोग कर रही है।

पढ़ें :- हाथरस केस: आरोपियों के घर पहुंची सीबीआई की टीम, परिजनों से कर रही पूछताछ

</>

No comments:

Post a Comment