Tuesday, October 6, 2020

बच्चो को भेजना चाहते है स्कूल तो जानले सरकार की गाइडलाइन


कोरोना महामारी की वजह से बंद सभी स्कूलों को खोलने (schools reopen) के दिशा निर्देश शिक्षा मंत्रालय द्वारा दे दिए गए हैं जिसके अनुसार 15 अक्टूबर से स्कूलों को ग्रेडेड तरीके से खोलने की अनुमति दे दी है। और साथ ही यह भी कहा की मंत्रालय की ओर से राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा के लिए अपना मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने और शारीरिक/सामाजिक दूरी के साथ सीखने के लिए निर्देश जारी किया जाएगा। सरकार की ओर से कहा गया है कि छात्रों को अभिभावकों की लिखित मंजूरी के बाद ही स्कूल आने की इजाजत होगी.

इस फैसले और दिशानिर्देश के बाद भी राज्‍य अभी स्कूल खोलने में हिचक रहे हैं। कोरोना वारयस महामारी के प्रकोप को देखते हुए पैरेंट्स भी बच्‍चों को फिलहाल बाहर नहीं भेजना चाहते। पंजाब, हरियाणा, उत्‍तर प्रदेश, बिहार, उत्‍तराखंड जैसे राज्‍यों में स्‍कूल खुल जाएंगे। क्यूंकि सरकार ऑनलाइन पढ़ाई को प्राथमिकता दे रही है, कई राज्‍य इस वजह से भी रिस्‍क लेने से बच रहे हैं। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने स्‍कूलों के लिए स्‍टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) और गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। मगर स्‍कूल कब से खोले जाएं, यह तय राज्य सरकारों को करना है।

इन राज्यों में नहीं खोले जाएंगे विद्यालय
कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए पश्चिम बंगाल की सरकार ने साफ कर दिया है कि वह 14 नवंबर से पहले स्‍कूल खोलने पर कोई फैसला नहीं करेगी। मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 14 नवंबर को काली पूजा के बाद स्‍कूल खोलने पर विचार किया जाएगा । आपको बता दें राज्‍य में 16 मार्च से ही स्‍कूल बंद हैं। इसके अलावा, दिल्‍ली में भी नवंबर में स्‍कूल खुलेंगे या नहीं, यह कोविड की स्थिति पर निर्भर करेगा। लेकिन अगर बात पैरेंट्स के राय की करें तो यहां पैरेंट्स की राय एकतरफा है कि इस कोरोना माहमारी के प्रकोप को देखते हुए स्‍कूल अभी नहीं खोले जाने चाहिए।


क्या कहा शिक्षा मंत्रालय ने ?

शिक्षा मंत्रालय ने विद्यालयों के खोले जाने (schools reopen) को लेकर अपने दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं जिसमे उनकी प्राथमिकता ऑनलइन पढ़ाई भी है लेकिन उन्होंने स्कूलों को खोलनेका अंतिम निर्णय राज्य सरकारों को लेने को कहा है। राज्य सरकारों ो यह आदेश के है की अपने राज्यों के सभी कोचिंग और विद्यालओं से बात चीत करने के बाद वह मंत्रालय द्वारा दी गयी कुछ शर्तों के आधार पर आगे का फैसला ले सकती हैं। शिक्षा मंत्रालय के द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार
-ऑनलाइन/डिस्‍टेंस लर्निंग को प्राथमिकता और बढ़ावा दिया जाएगा।
-अगर स्‍टूडेंट्स ऑनलाइन क्‍लास अटेंड करना चाहते हैं तो उन्‍हें इसकी इजाजत दी जाए।
-स्‍टूडेंट्स केवल पैरेंट्स की लिखित अनुमति के बाद ही स्‍कूल/कोचिंग आ सकते हैं। उनपर अटेंडेंस का कोई दबाव न डाला जाए।
-स्‍वास्‍थ्‍य और सुरक्षा के लिए शिक्षा विभाग की SOP के आधार पर राज्‍य अपनी SOP तैयार करेंगे।
-जो भी स्‍कूल खुलेंगे, उन्‍हें अनिवार्य रूप से राज्‍य के शिक्षा विभागों की SOPs का पालन करना होगा।

कब खुलेंगे कॉलेज?


कॉलेज और हायर एजुकेशन के लिए फैसला करने की बात को उच्च शिक्षा विभाग को कहा है इसी सम्बन्ध में गृह मंत्रालय से भी बात करने को कहा गया है। शिक्षा ,मंत्रालय ने हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूट के लिए जो निर्देश जारी किये हैं उसके अनुसार
-ऑनलाइन/डिस्‍टेंस लर्निंग को प्राथमिकता और बढ़ावा देने को कहा गया है
-रिसर्च स्‍कॉलर्स (Ph.D) और पीजी के वो छात्र जिन्‍हे लैब में काम करना पड़ता है, उनके लिए ही संस्‍थान खुलेंगे। इसमें भी केंद्र से सहायता पाने वाले संस्‍थानों में, उसका हेड तय करेगा कि लैब वर्क की जरूरत है या नहीं। वहीँ राज्‍यों की यूनिवर्सिटीज या प्राइवेट यूनिवर्सिटीज से कहा गया है की वो अपने यहां की स्‍थानीय गाइडलाइंस के हिसाब से खुल सकती हैं। लेकिन शिक्षा मंत्रालय ने इसमें भी ऑनलाइन/डिस्‍टेंस लर्निंग को प्राथमिकता और बढ़ावा देने की बात कही है।

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