Friday, November 13, 2020

क्रिकेट इतिहास के वो सबसे बड़े 3 झूठ जिनको सच मानते हैं लोग, जानकर लगेगा शॉक

90 के दशक के बच्चों को क्रिकेट का सबसे बड़ा प्रशंसक माना जाता है, क्योंकि वे भारतीय क्रिकेट टीम के उदय के गवाह बने, जिसमें सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले, आशीष मेहरा, एमएस धोनी, सुरेश रैना जैसे खिलाड़ी शामिल थे और कई अन्य दिग्गज खिलाड़ी भी मौजूद रहे. चूंकि उस युग में इंटरनेट इतना लोकप्रिय नहीं था, इसलिए प्रशंसक केवल अपने टीवी स्क्रीन पर मैचों का आनंद ले सकते थे या रेडियो पर कमेंट्री सुन सकते थे.

यही कारण है कि समय-समय पर फैन्स को कई अलग-अलग की अफवाह और झूठ सुनने को मिलते थे. वर्तमान इंटरनेट युग में, क्रिकेट जगत में फैली अफवाहों के बारे में सच जानने के लिए पर्याप्त स्रोत हैं, हालांकि पहले एक झूठ आग की तरह फैन्स के बीच फ़ैल जाता था और उसे सच मान लिया जाता था. आज इस लेख में हम क्रिकेट जगत ऐसे ही झूठ जानेगे.

1) वर्ल्ड कप 1999 सेमीफाइनल में कैच छोड़ने पर स्टीव वॉ ने हर्शल गिब्स को ट्रोल किया

प्रशंसकों को दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1999 के विश्व कप के सेमीफाइनल मैच को हमेशा याद रहेगा, जिसमें प्रोटियाज पर ऑस्ट्रेलिया ने शानदार जीत दर्ज की तथी. दक्षिण अफ्रीकी टीम ने ऑस्ट्रेलियाई टीम के सामने 271 रनों का लक्ष्य रखा था और फॉर्म में चाल रहे स्टीव वॉ ने बल्लेबाजी कके दौरान  हर्शल गिब्स की ओर एक शॉट खेला.

इसके बाद ये कहा गया कि वॉ ने गिब्स के पास जाकर कहा था कि ‘दोस्त तुम्हे वर्ल्ड कप गिरा दिया.’

हालाँकि इस इंटरव्यू के दौरान वॉ ने खुलासा किया कि उन्होंने गिब्स को कभी ऐसा नहीं कहा था ये सब फैन्स द्वारा बनायीं गयी बातें हैं.

2) एमएस धोनी रोज़ 5 किलो दूध पीते हैं

एमएस धोनी अब तक के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक हैं, उनके बारे में एक अफवाह थी, जो दाएं हाथ के बल्लेबाज द्वारा काफी आसानी से छक्के मारने के बाद काफी फैल गई थी. अफवाह में कहा गया है कि एमएस धोनी हर रोज 5 लीटर दूध पीते थे, जिससे उन्हें मांसपेशियों और इतने बड़े छक्के मारने की ताकत मिलती थी.

इस अफवाह के बारे में जब धोनी से पूछा गया तो उन्होंने इस तरह की सभी बातों से इंकार किया था.

3) एबी डिविलियर्स हैं हर खेल में माहिर

क्रिकेट के मिस्टर 360, एबी डिविलियर्स ने मैदान के हर कोने में गेंद को हिट करने की अपनी अनोखी क्षमता के लिए जाने जाते है. उनका लक्ष्य टीम के लिए रन बनाना है, चाहे वे कैसे भी हों. इसलिए, वह ऐसे शॉट्स खेलता है जो शायद कोई न खेल पाए. इसके अलावा कौशल के धनी डी विलियर्स को अन्य सभी खेलों जैसे बैडमिंटन, रग्बी, टेनिस, तैराकी और कई अन्य खेलों में मास्टर होने के लिए भी जाना जाता था.

हालाँकि, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ने अपनी आत्मकथा में स्पष्ट कर दिया था कि उन्होंने कभी किसी अन्य खेल में एक्सीलेंट प्रदर्शन नहीं किया. यह डिविलियर्स ने बताया,

“मैंने हाई स्कूल में एक साल तक हॉकी खेली… लेकिन मुझे कभी भी राष्ट्रीय हॉकी टीम के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया गयाया कभी भी उस स्तर के करीब नहीं आया. मैंने कभी भी किसी भी स्तर पर दक्षिण अफ्रीका (रग्बी में) का प्रतिनिधित्व नहीं किया था और वह कभी कप्तान नहीं था. मैंने कभी स्कूल में बैडमिंटन नहीं खेला.” 

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